Sinful mafia daddy
तेरे वक़्त पे तेरे जिस्म पे बस हक हो एक मेरा |ये शब्द थे उस शख्स के थे जिससे ईशा महेश्वरी के सामने जिक्र करने भर से वो काँपने लगती थी |क्यु ईशा उस को अपनी जिंदगी का सबसे बुरा अतीत समझती थी |अखिर क्यु ?और कौन था वो शख्स जो ईशा पर उससे ज्यादा खुद का हक समझता था?नहीं चाहती थी कि वो वापस उसकी जिंदगी में आए |अखिर क्या थी उसकी हकीकत?और कौन था वो शख्स?जानने के लिए बने रहिए मेरे साथ only on pocket novel...sinful mafia dandies....
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